तेल के मिल का बिजनेस कैसे शुरू करें How to Start Oil Mill Business in Hindi?

तेल के मिल का बिजनेस कैसे शुरू करें How to Start Oil Mill Business in Hindi?

जैसा कि हम लोगो को पता होगा, विभिन्न प्रकार के तेल पाए जाते है और हम लोग उसे रोजाना अपने जीवन में उपयोग भी करते है. तेल सिर्फ भारत में ही नही बल्कि विश्व भर में लोगो के द्वारा उपयोग किये जाते है.

किसी भी तरह की डिश हो उसमे तेल की आवश्यकता पड़ती ही है. इसीलिए तेल का बिजनेस बहुत ही मुनाफे वाला बिजनेस है. लेकिन तेल के मिल का बिजनेस शुरू करने से पहले इसके बारे में पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए कि कैसे इसका व्यापार शुरू करें और कैसे बीजो का तेल निकालते है.

तेल के मिल का बिजनेस कैसे शुरू करें How to start Oil Mill Business in Hindi?

तेल की मिल क्या है ?

एक ऐसी संस्था जो पौधे के बीजो को पीस कर उसके तेल को निकाल कर और शुद्ध करके बोतल में पैक करके बेचती है. तेल के बिजनेस को करने के लिए कई तरह की मशीने और लाइसेंस चाहिए.

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तेल का बिजनेस शुरू करने से पहले ये सोच ले कि कौन से तेल को आप बाजार में बेचना चाहते है, जैसे – सरसों का तेल , मूंगफली का तेल, तिल का तेल, सोयाबीन का तेल, जैतून का तेल, सूरजमुखी का तेल. ओसे ही कई प्रकार के तेल है जिसकी आप बिजनेस शुरू कर सकते है.

अपने व्यापार का स्तर क्या रखे

तेल के बिजनेस को स्तर के दृष्टि से तीन भागो में बाँट देते है:

  • लघु स्तर उद्योग –  यदि आप रोजाना 5 से 10 मेट्रिक टन तेल का उत्पादन करते है तो इसे लघु स्तर का बिजनेस कहेंगे.
  • माध्यम स्तर – यदि आप 10 से 50 मेंट्रिक टन तेल का उत्पादन करते है तो इसे माध्यम स्तर का व्यापार कहते है.
  • बड़े स्तर पर व्यापार – जब आप 50 मेंट्रिक टन से आधिक का उत्पादन करते है तो ये बड़े स्तर का व्यापार कहते है.
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आप अपने पूंजी के अनुसार अपना व्यापार शुरू कर सकते है.

तेल मिल बिजनेस के लिए लाइसेंस

तेल की मिल के बिजनेस शुरू करने से पहले आप को लाइसेंस की आवश्यकता होगी. जब आप के पास लाइसेंस और प्रमाणीकरण होगा. तभी आप अपने तेल को बाजार में बेच  सकते है. लाइसेंस के लिए आप को भारत सरकार के द्वारा प्रदान किये जाने वाली संस्था पर जाना पड़ेगा.

भारत सरकार के द्वारा खाने से जुड़े दो प्रकार के लाइसेंस दिए जाते है, जिनमे से एक FSSAI द्वारा दिया जाता है और दूसरा भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा दिया जाता है. इन लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते है इनकी Official site पर जा कर.

तेल की मिल के लिए सही जगह

तेल के मिल को ऐसे जगह पर खोलना चाहिए जहाँ से आप को अपने तेल का ट्रांसपोर्ट करने में कोई दिक्कत न हो और ये शहर के आस पास होना चाहिए. जिससे आप को ट्रांसपोर्ट के खर्चे में बचत कर सके. उस जगह पर बिजली सही तरीके से आ रही हो. सभी तरह से सुविधा को देखते हुए सही जगह का चुनाव करना चाहिए.

तेल के मिल के लिए आवश्यक कच्चा माल

तेल के मिल के लिए जिस भी प्रकार के बीज का तेल आप को निकालना है उसको आप बाजार से खरीद सकते है. ये आसानी से आप को मार्केट में मिल जायेंगे. आप चाहे तो इन बीजो को सीधे किसानो से भी खरीदी सकते है.

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कुछ पौधे के बीज इस प्रकार है : सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, तिल, सूरजमुखी, कपास के बीज आदि,  आप को जिस भी प्रकार की तेल निकालना है आप अपने अनुसार उनका तेल निकाल सकते है.

तेल मिल के लिये मशीने

इस व्यापार में कई प्रकार की मशीनों को जरुरत पड़ती है. इसके हर चरण में नए नए प्रकार की मशीन की आवश्यकता पड़ती है जैसे – स्क्रू एक्सपेलर, कुकर और फ़िल्टर प्रेस जैसे मशीनों की जरुरत पड़ती है.

तेल निकालने के लिए भी कई तरह की मशीने आती है. आप चाहे तो स्वचालित मशीन ले सकते है या फिर अर्द्ध स्वचालित मशीन भी खरीद सकते है. आप इन मशीनों को ऑनलाइन और ऑफलाइन  दोनों तरह से खरीद सकते है.

तेल निकालने की प्रक्रिया

तेल निकालने की प्रक्रिया कई चरण में पूरी होती है:

  • सही बीज का चुनाव – जिस भी प्रकार के बिज का तेल आप को निकलना है, उस बीज की क्वालिटी अच्छी होनी चाहिए. बीज खरीदते समय इस बात का ध्यान रखे कि बीज ख़राब न और उसकी गुणवत्ता अच्छी हो.
  • बीज की गंदगी की सफाई – बीज में उपस्थित गंदगी जैसे मिटटी, पत्थर आदि जैसी गंगी को साफ करना बहुत हो जरुरी है क्योकि यदि इसकी सफाई नही हुई तो आप के तेल की गुणवत्ता में कमी आ जाएगी और आप का बिजनेस में घाटा भी हो सकता है. बीजो में उपस्थित इन गंदगियों को आप चाहे तो हाथ से भी साफ करवा सकते है या तो मशीन से भी साफ करवा सकते है.
  • डिकॉर्टीसेशन (Decortication) – इस प्रक्रिया में बीज के उपरी कवरिंग, जिसे आम भाषा में भूसा कहते है. उसको निकालने के लिए ब्लोइंग एयर का उपयोग करते है और बीज की भूसी को निकालने के लिए कंडीशनिंग करते है.
  • बीज का कंडीशनिंग  – बीज की कंडीशनिंग करने से उससे अधिक तेल निकलता है और इस प्रक्रिया के अंतर्गत बीजो को रोलर्स के अंदर डाला जाता है. दरअसल रोलर्स के अंदर बीज को से गुजरने से बीज की कोशिकाए तेल को अवशोषित (absorbed) कर लेती हैं और बीज के अन्दर तेल इकठ्ठा हो जाता है. इस प्रक्रिया से ज्यादा मात्रा में तेल निकलता है.
  • बीज को गर्म करना – इस प्रक्रिया में बीज को गर्म करना होता है जिससे उसमे उपस्थित सभी प्रकार के जीवाणु खत्म हो जायें. गर्म करने पर बीज में जो नमी होती है वो भी खत्म हो जाती है और तेल निकालने में आसानी होती है.
  • तेल निकलना- तेल निकालने के लिए ऊपर जितनी प्रक्रिया बताई गई है उनको करने के बाद बीजो से तेल निकला जाता है. इसमें बीजो को मशीन में डाला जाता है और बीज इस बीज इस मशीन के अन्दर पीस जाती है और उससे तेल निकलने लगता है. और तेल एक स्थान पर इकठ्ठा होता रहता है. तेल निकालने के बाद इसको छान लिया जाता है.
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इस तेल को आप अपने ब्रांड के बोतल में भर कर उसे मार्केट में बेच सकते है.

image source – https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Copra_-_coconut_oil_mill.JPG

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